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Border 2 Review: सनी देओल की ज़ोरदार वापसी, देशभक्ति और एक्शन का दमदार संगम

By Nandini Sharma

Published on:

Border 2 Review
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1997 में आई जेपी दत्ता की क्लासिक फिल्म Border आज भी देशभक्ति सिनेमा की पहचान मानी जाती है। लगभग तीन दशक बाद, उसी विरासत को आगे बढ़ाने के इरादे से Border 2 सिनेमाघरों में रिलीज़ हो चुकी है। रिपब्लिक डे वीकेंड पर आई यह फिल्म रिलीज़ के साथ ही चर्चा, बहस और ज़बरदस्त दर्शक प्रतिक्रिया का विषय बन गई है।

इस बार निर्देशन की कमान संभाली है अनुराग सिंह ने, जिन्होंने फिल्म को न तो पूरी तरह पुरानी Border की नकल बनने दिया और न ही उसकी आत्मा से समझौता किया। Border 2 एक नई कहानी के साथ सामने आती है, जो 1971 के भारत–पाक युद्ध की पृष्ठभूमि पर आधारित है और भारतीय सेना, वायुसेना और नौसेना—तीनों की बहादुरी को बड़े पैमाने पर दिखाती है।

कहानी

फिल्म का पहला हाफ भावनात्मक है, जहां सैनिकों की निजी ज़िंदगी, परिवारों का इंतज़ार और देश के लिए उनका समर्पण दिखाया जाता है। यह हिस्सा दर्शकों को किरदारों से जोड़ता है।
दूसरा हाफ पूरी तरह युद्ध, रणनीति और एक्शन पर केंद्रित हो जाता है, जहां फिल्म अपनी असली रफ्तार पकड़ती है। क्लाइमैक्स में सनी देओल और वरुण धवन की मौजूदगी पूरा माहौल बना देती है।

अभिनय

Sunny Deol इस फिल्म की जान हैं। उनकी एंट्री, डायलॉग्स और स्क्रीन प्रेजेंस थिएटर में सीटियां निकलवाती है। यह कहना गलत नहीं होगा कि Border 2 पूरी तरह सनी देओल के कंधों पर टिकी है—और वह इस जिम्मेदारी को बखूबी निभाते हैं।

Varun Dhawan ने इस बार अपने परफॉर्मेंस से आलोचकों को चौंकाया है। उनका किरदार गंभीर है और उन्होंने इमोशन व एक्शन दोनों में संतुलन बनाए रखा है।
दिलजीत दोसांझ अपनी सहज अदायगी से दिल जीतते हैं, वहीं अहान शेट्टी, सोनम बाजवा, मोना सिंह और मेधा राणा भी अपने-अपने रोल में असर छोड़ते हैं।

निर्देशन और तकनीकी पक्ष

अनुराग सिंह ने एक्शन और इमोशन का संतुलित मिश्रण पेश किया है। युद्ध के दृश्य भव्य हैं, सिनेमैटोग्राफी बड़े पर्दे पर प्रभावशाली लगती है और बैकग्राउंड स्कोर देशभक्ति का जोश बढ़ाता है। फिल्म का ट्रीटमेंट मेनस्ट्रीम वॉर ड्रामा के दायरे में रहते हुए दर्शकों से जुड़ता है।

दर्शकों की प्रतिक्रिया

दर्शकों की प्रतिक्रियाएं मिली-जुली लेकिन बेहद चर्चित रही हैं। कई लोगों ने थिएटर एक्सपीरियंस की जमकर तारीफ की, जहां अहम सीन्स पर तालियां और सीटियां गूंजती रहीं।

कुछ दर्शकों ने पहले हाफ को “एड्रेनालिन रश” बताया, जबकि कुछ को फिल्म का टोन थोड़ा पुराना और जरूरत से ज्यादा देशभक्ति पर आधारित लगा। इसके बावजूद रिपब्लिक डे वीकेंड और Border ब्रांड की लोकप्रियता फिल्म के पक्ष में जाती दिख रही है।

अगर आप Border के फैन हैं, देशभक्ति और वॉर ड्रामा पसंद करते हैं और सनी देओल की ज़ोरदार वापसी देखना चाहते हैं, तो Border 2 आपके लिए एक परफेक्ट थिएटर फिल्म है—खासतौर पर रिपब्लिक डे के मौके पर।

⭐ रेटिंग: 3.5 / 5

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