कोलंबो: एक बार फिर वही तस्वीर सामने आई — ठंडी नजरें, ना मुस्कान और फिर नो हैंडशेक। टी20 वर्ल्ड कप 2026 के भारत-पाकिस्तान महामुकाबले से पहले टॉस के दौरान दोनों कप्तानों के बीच हाथ न मिलाने की घटना ने मैच शुरू होने से पहले ही तनाव साफ कर दिया।
टॉस के लिए जब दोनों कप्तान मैदान पर आए, कैमरों ने एक छोटा लेकिन तीखा पल कैद किया — ठंडी नजर, बेहद कम बातचीत और फिर तुरंत अपनी-अपनी टीम की ओर वापसी। ना कोई औपचारिकता, ना खेल भावना का पारंपरिक इशारा। आर. प्रेमदासा स्टेडियम खचाखच भरा था, दर्शकों में जबरदस्त उत्साह था, लेकिन टॉस का वह पल मुकाबले को और भी हाई-वोल्टेज बना गया।
भारत-पाक मुकाबला सिर्फ क्रिकेट मैच नहीं होता — यह जज्बात, प्रतिष्ठा और दबाव की टक्कर बन जाता है। सोशल मीडिया पर भी तुरंत बहस छिड़ गई — क्या यह बढ़ती प्रतिद्वंद्विता का संकेत है या फिर बड़े मुकाबले से पहले का फोकस?
यह पहली बार नहीं हुआ। इस सिलसिले की शुरुआत 2025 एशिया कप, दुबई में हुई थी, जब भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव और पाक कप्तान सलमान आगा ने टॉस पर हाथ नहीं मिलाया। भारत ने वह मैच सात विकेट से जीता, लेकिन मैच खत्म होने के बाद भी दोनों टीमों के खिलाड़ियों ने हैंडशेक नहीं किया।
इसके बाद सुपर फोर मुकाबले में भी यही नजारा देखने को मिला। फिर 2025 आईसीसी विमेंस वनडे वर्ल्ड कप, अंडर-19 वर्ल्ड कप, मेंस राइजिंग स्टार एशिया कप और विमेंस राइजिंग स्टार एशिया कप — कई बड़े टूर्नामेंट में यह परंपरा टूटती रही।
कोलंबो में एक बार फिर दोनों टीमें आमने-सामने हैं। अब सबकी नजरें मैदान पर हैं — क्या यह तनाव खेल में भी दिखेगा या क्रिकेट एक बार फिर प्रतिद्वंद्विता से ऊपर उठेगा?
एक बात तय है — भारत और पाकिस्तान जब भी भिड़ते हैं, हर छोटा पल इतिहास बन जाता है।







