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डॉक्टरों ने खुद किया रक्तदान, सैकड़ों को किया प्रेरित: DSCI का दूसरा ब्लड डोनेशन कैंप सफल

By Tazanow Desk

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DSCI’s Second Blood Donation Camp
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नई दिल्ली, 18 फरवरी 2026: दिल्ली स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट (DSCI) परिसर में आज दूसरा रक्तदान शिविर सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। यह शिविर DSCI ने GTB अस्पताल के सहयोग से आयोजित किया, जिसमें डॉक्टरों, अस्पताल स्टाफ और समर्पित स्वयंसेवकों की प्रेरणादायक भागीदारी देखने को मिली।

डॉक्टरों ने खुद रक्तदान कर नेतृत्व की मिसाल पेश की, जिसने अन्य स्टाफ और स्वयंसेवकों को भी उत्साह और विश्वास के साथ आगे आने के लिए प्रेरित किया। इस पहल ने सामुदायिक सेवा और मानवता के मजबूत संदेश को आगे बढ़ाया। शिविर को शानदार प्रतिक्रिया मिली और रक्तदाताओं ने जीवन बचाने वाले इस कार्य में योगदान देने पर गर्व व्यक्त किया।

DSCI के निदेशक डॉ. विनोद कुमार ने कहा, “जब डॉक्टर खुद रक्तदान करते हैं, तो इससे विश्वास बढ़ता है और पूरा समाज प्रेरित होता है। यह शिविर जीवन बचाने और स्वैच्छिक रक्तदान की संस्कृति को बढ़ावा देने की हमारी सामूहिक जिम्मेदारी को दर्शाता है।”

DSCI के संयुक्त निदेशक डॉ. रविंदर सिंह ने टीमवर्क की अहमियत पर जोर देते हुए कहा, “हमारे स्टाफ और स्वयंसेवकों की उत्साही भागीदारी स्वास्थ्य सेवा में टीमवर्क की ताकत को दिखाती है। ऐसी पहलें न केवल हमारी मेडिकल तैयारी को मजबूत करती हैं बल्कि समाज से हमारे रिश्ते को भी गहरा बनाती हैं।”

मुख्य अतिथि, GTB अस्पताल की ब्लड बैंक इंचार्ज डॉ. रिचा गुप्ता ने सभी की सराहना करते हुए कहा, “स्वास्थ्यकर्मियों और नागरिकों को इस नेक कार्य के लिए एक साथ आते देखना बेहद प्रेरणादायक है। आज का हर रक्तदान किसी जरूरतमंद के लिए उम्मीद लेकर आया है।”

एक अन्य मुख्य अतिथि, IHBAS की असिस्टेंट प्रोफेसर (पैथोलॉजी) डॉ. इशिता पंत ने कहा, “स्वैच्छिक रक्तदान सबसे सरल लेकिन सबसे प्रभावशाली दया का कार्य है। आज की भागीदारी दिखाती है कि मिलकर किया गया प्रयास कितना बड़ा बदलाव ला सकता है।”

चिकित्सा विशेषज्ञों ने सभी सुरक्षा और स्वच्छता मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया, जिससे रक्तदाताओं को सुरक्षित और सहज अनुभव मिला। आभार स्वरूप सभी रक्तदाताओं को प्रमाणपत्र और उपहार देकर सम्मानित किया गया।

यह पहल न केवल स्थानीय ब्लड स्टॉक को मजबूत करने में सहायक रही, बल्कि यह संदेश भी दोहराया कि स्वैच्छिक रक्तदान जीवन बचाने का एक सरल लेकिन प्रभावशाली तरीका है। कार्यक्रम का समापन DSCI की असिस्टेंट प्रोफेसर (ऑन्को-पैथोलॉजी) डॉ. मोनिका गुप्ता के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिन्होंने इस सफल आयोजन के लिए डॉक्टरों, स्टाफ और स्वयंसेवकों का आभार व्यक्त किया।

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