“ये फिल्म नहीं… आईना है!”
“देखकर अंदर तक हिल गए…”
“हर 20 मिनट में झटका देती है…”
तापसी पन्नू की ASSI रिलीज होते ही चर्चा में आ गई है। इसे देखने के बाद दर्शक सिर्फ रिव्यू नहीं दे रहे, बल्कि समाज पर सवाल उठा रहे हैं। क्या यह सिर्फ कोर्टरूम ड्रामा है या समाज की कड़वी सच्चाई? आइए जानते हैं, फिल्म देखकर बाहर निकल रही जनता क्या कह रही है।
कहानी और फिल्म की क्वालिटी — रियल, रॉ और असहज
दर्शकों का कहना है कि ASSI को एक फिल्म की तरह देखना मुश्किल है। यह एंटरटेनमेंट से ज्यादा एक बेचैन कर देने वाला अनुभव है। स्कूल टीचर परिमा के साथ हुई दर्दनाक घटना और उसके बाद इंसाफ की लड़ाई दर्शकों को भीतर तक झकझोर देती है।
पहले हाफ को लोगों ने बेहद कसा हुआ और असरदार बताया, जबकि कुछ दर्शकों का मानना है कि दूसरा हाफ थोड़ा भटकता है। इसके बावजूद ज्यादातर लोगों ने कहा — “ऐसी फिल्में जरूरी हैं, क्योंकि ये समाज की सच्चाई दिखाती हैं।”
तापसी पन्नू और कनी कुश्रुति की एक्टिंग — किसने मारी बाजी?
पीड़िता परिमा के रोल में कनी कुश्रुति को दर्शकों ने फिल्म की सबसे बड़ी ताकत बताया। उनकी आंखों में दर्द और गुस्सा दर्शकों को भीतर तक महसूस हुआ।
वहीं वकील रावी के रोल में तापसी पन्नू को लोगों ने दमदार और प्रभावशाली कहा, खासकर उनका कोर्टरूम मोनोलॉग सीन दर्शकों को याद रह गया। कुछ दर्शकों का कहना है कि इस फिल्म में कनी कुश्रुति का परफॉर्मेंस तापसी पर भारी पड़ा, लेकिन दोनों ने अपने किरदार को पूरी ईमानदारी से निभाया।
बाकी स्टार कास्ट — हर किरदार ने छोड़ी छाप
कुमुद मिश्रा की खामोशी और गुस्से ने दर्शकों को प्रभावित किया। मोहम्मद जीशान अय्यूब, मनोज पाहवा, नसीरुद्दीन शाह और अन्य कलाकारों ने भी कहानी को मजबूती दी।
दर्शकों का कहना है कि यह फिल्म किसी एक हीरो की नहीं, बल्कि मुद्दे की है — और हर किरदार इस कहानी का जरूरी हिस्सा है।
अनुभव सिन्हा का निर्देशन — सच्चाई का आईना
डायरेक्टर अनुभव सिन्हा ने बिना मेलोड्रामा के सच्चाई दिखाने की कोशिश की है। कैमरा वर्क और बैकग्राउंड म्यूजिक ने फिल्म को और ज्यादा रियल बनाया।
दर्शकों का कहना है कि कई सीन देखते वक्त सिहरन हुई, लेकिन नजरें हटाने का मन नहीं किया।
फाइनल वर्ड — देखनी चाहिए या नहीं?
ओवरऑल पब्लिक रिएक्शन काफी पॉजिटिव है। दूसरे हाफ में कुछ कमियां जरूर हैं, लेकिन मैसेज, परफॉर्मेंस और इमोशनल इम्पैक्ट इसे खास बनाते हैं।
हमारी तरफ से — ⭐⭐⭐⭐ 4 स्टार।
यह फिल्म देखना आसान नहीं… लेकिन जरूरी जरूर है।







