कोलकाता का ईडन गार्डन…
196 रनों का पहाड़ जैसा लक्ष्य…
और करो या मरो का मुकाबला।
आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-8 राउंड में भारत ने वेस्टइंडीज को 5 विकेट से हराकर सेमीफाइनल में जगह बना ली। लेकिन इस जीत की असली कहानी है — संजू सैमसन का ‘सुपर शो’।
खराब शुरुआत, बढ़ा दबाव
196 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी टीम इंडिया की शुरुआत बिल्कुल वैसी नहीं रही, जैसी एक बड़े चेज में चाहिए होती है। पावरप्ले के भीतर ही अभिषेक शर्मा और ईशान किशन पवेलियन लौट गए। पावरप्ले में दो विकेट — और रन रेट का दबाव अलग।
ईडन गार्डन में भारत का सर्वाधिक सफल रन चेज इससे पहले सिर्फ 158 था। इतिहास भी टीम इंडिया के पक्ष में नहीं था। लेकिन इस दबाव के बीच एक खिलाड़ी डटा रहा — संजू सैमसन।
संजू का क्लास और कंट्रोल
संजू ने शुरुआत से ही इरादे साफ कर दिए। अकील हुसैन के खिलाफ स्लॉग-स्वीप पर लगाया गया छक्का दर्शाता था कि वह रुकने वाले नहीं हैं। उन्होंने कप्तान सूर्यकुमार यादव के साथ 58 रन जोड़े, फिर तिलक वर्मा के साथ 42 और हार्दिक पांड्या के साथ 38 रन की अहम साझेदारी की। हर बार जब विकेट गिरा, संजू ने संयम और आक्रामकता का संतुलन बनाए रखा।
50 गेंदों में 97* — एक यादगार पारी
संजू सैमसन ने 50 गेंदों में 12 चौके और 4 छक्कों की मदद से नाबाद 97 रन बनाए। यह सिर्फ एक पारी नहीं थी — यह एक बयान था। कई मैचों में फ्लॉप रहने के बाद, आलोचनाओं के बीच, संजू ने अपने करियर की शायद सर्वश्रेष्ठ टी20 पारी खेली। चार गेंद शेष रहते भारत ने लक्ष्य हासिल कर लिया।
वेस्टइंडीज की पारी — स्लॉग ओवरों में भारतीय बॉलरों की परीक्षा
टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए वेस्टइंडीज ने 4 विकेट पर 195 रन बनाए। 16वें ओवर में रोवमैन पॉवेल ने अर्शदीप सिंह की जमकर धुनाई की और एक ओवर में 24 रन बटोरे। आखिरी पांच ओवरों में भारतीय गेंदबाज 70 रन लुटा बैठे और एक भी विकेट नहीं ले सके।
हालांकि, जसप्रीत बुमराह ने 12वें ओवर में दो ताबड़तोड़ विकेट लेकर मैच में भारत को वापसी दिलाई। यह मुकाबले का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ।
सेमीफाइनल में भारत
इस जीत के साथ भारत सुपर-8 ग्रुप ए से सेमीफाइनल में पहुंचने वाली दूसरी टीम बना। दक्षिण अफ्रीका, इंग्लैंड और न्यूजीलैंड पहले ही क्वालीफाई कर चुके हैं।
लेकिन इस मैच को सालों तक एक नाम से याद किया जाएगा — ‘संजूसुपरशो’







