हाल ही में सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बने ‘Rs 370 बिरयानी’ विवाद ने एक नया मोड़ ले लिया है। इस बार चर्चा के केंद्र में मुंबई पुलिस की एक इंस्टाग्राम पोस्ट है, जिसने इंटरनेट पर तीखी बहस छेड़ दी है।
दरअसल, स्टैंड-अप कॉमेडियन प्रणीत मोरे के शो से जुड़ा एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें एक दर्शक ने डेटिंग से जुड़ा ऐसा बयान दिया था जिसे कई लोगों ने महिलाओं के प्रति अपमानजनक और आपत्तिजनक माना।
वीडियो वायरल होने के बाद #BiryaniIsNotConsent हैशटैग सोशल मीडिया पर ट्रेंड करने लगा और सहमति (Consent) को लेकर व्यापक चर्चा शुरू हो गई।
इसी बीच मुंबई पुलिस ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक जागरूकता संदेश साझा किया। पोस्ट में कहा गया कि Rs 370 में सिर्फ एक प्लेट बिरयानी मिल सकती है, लेकिन गलत हरकतों की वजह से लॉकअप में लंबे समय तक मुफ्त भोजन भी मिल सकता है।
पोस्ट के साथ #BiryaniIsNotConsent हैशटैग का इस्तेमाल किया गया था। पुलिस का उद्देश्य सहमति और महिलाओं के सम्मान को लेकर संदेश देना बताया गया।
हालांकि, इस पोस्ट को लेकर सोशल मीडिया पर लोगों की राय बंटी हुई नजर आई। कुछ यूजर्स ने पुलिस की पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे संवेदनशील मुद्दों पर जागरूकता फैलाना जरूरी है।
वहीं दूसरी ओर कई लोगों का मानना था कि एक गंभीर विषय को इस तरह व्यंग्यात्मक अंदाज में पेश करना उचित नहीं है।
शिवसेना (यूबीटी) नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने भी पोस्ट पर सवाल उठाए और इसे अनुचित बताया। इसके जवाब में मुंबई पुलिस ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य महिलाओं की गरिमा और सम्मान के पक्ष में संदेश देना था, न कि किसी का मजाक उड़ाना।
फिलहाल यह मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। एक तरफ लोग सहमति और महिलाओं के सम्मान को लेकर गंभीर संवाद की आवश्यकता पर जोर दे रहे हैं, तो दूसरी ओर सरकारी संस्थाओं द्वारा ऐसे मुद्दों को प्रस्तुत करने के तरीके पर भी बहस जारी है।






