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CJP संस्थापक अभिजीत दिपके पर कथित हमला, जयपुर पुलिस ने 6 लोगों को पकड़ा

By Nandini Sharma

Published on:

CJP Founder Abhijeet Dipke
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जयपुर में सोमवार को उस समय हंगामा मच गया जब कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके पर एक प्रदर्शन के दौरान कथित रूप से हमला कर दिया गया। यह प्रदर्शन NEET पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था की खामियों और बढ़ती बेरोजगारी के खिलाफ आयोजित किया गया था। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दिपके पर कुछ लोगों द्वारा थप्पड़ और मारपीट करते हुए देखा जा सकता है।

यह प्रदर्शन CJP द्वारा देशभर में शुरू किए गए अभियान का हिस्सा था। पार्टी ने 6 जून को दिल्ली में हुए प्रदर्शन के बाद घोषणा की थी कि यदि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते हैं, तो देश के विभिन्न राज्यों में इसी तरह के विरोध प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे। पार्टी का आरोप है कि परीक्षा लीक और शिक्षा प्रणाली की खामियों के लिए सरकार जिम्मेदार है।

वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि अभिजीत दिपके अपने समर्थकों के कंधों पर बैठे हुए थे। इसी दौरान एक व्यक्ति ने उनके गले में डाले गए कपड़े को पकड़कर खींचा और फिर कथित रूप से उन्हें कई बार थप्पड़ मारे।

इसके बाद एक अन्य व्यक्ति भी हमले में शामिल हो गया। कुछ ही क्षणों में दिपके के समर्थकों ने हस्तक्षेप किया और स्थिति तनावपूर्ण हो गई।

हमले के बाद अभिजीत दिपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि हिंसा उन्हें उनके उद्देश्य से नहीं भटका सकती। उन्होंने कहा कि वे महात्मा गांधी और डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों में विश्वास रखते हैं और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी लड़ाई जारी रखेंगे।

उन्होंने एक बार फिर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई।

पुलिस के अनुसार मामले में छह लोगों को हिरासत में लिया गया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि हमलावरों की पहचान और हमले के पीछे की मंशा का पता लगाने के लिए जांच जारी है। घटना से जुड़े वीडियो और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी खंगाले जा रहे हैं।

पुलिस ने यह भी बताया कि प्रदर्शन की अनुमति को लेकर पहले असमंजस था, लेकिन बाद में कुछ शर्तों के साथ अनुमति दी गई थी। इनमें प्रदर्शन में सीमित संख्या में लोगों की भागीदारी जैसी शर्तें शामिल थीं।

यह घटना अब राजनीतिक विरोध प्रदर्शनों की सुरक्षा, छात्रों के बढ़ते असंतोष और शिक्षा व्यवस्था को लेकर उठ रहे सवालों के बीच चर्चा का विषय बन गई है।

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