अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर, ईशा फ़ाउंडेशन देश भर में लगभग 1,000 योग और ध्यान सत्र आयोजित कर रहा है। इसमें कॉर्पोरेट, शिक्षा, चिकित्सा, सरकारी और रक्षा संस्थानों तथा सामुदायिक स्थानों से लगभग 50,000 लोगों के शामिल होने का अनुमान है।
योग के गहरे महत्व के बारे में बात करते हुए सद्गुरु ने कहा है, “योग बस एक कसरत नहीं है। यह एक ऐसी प्रक्रिया और प्रणाली है जिसके ज़रिए मनुष्य अपनी उच्चतम संभव क्षमता प्राप्त कर सकता है।”
इस समझ को ध्यान में रखते हुए, ये सत्र लोगों को योग का अनुभव कराने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं। योग को खुशहाली और आतंरिक रूपांतरण के एक संपूर्ण विज्ञान के तौर पर प्रदान किया जा रहा है। इन सत्रों को ईशा फ़ाउंडेशन के प्रशिक्षित स्वयंसेवक और शिक्षक संचालित कर रहे हैं। इस पहल के तहत, लोगों को आसान लेकिन प्रभावी योग क्रियाएं सिखाई जा रही हैं, जिन्हें दैनिक जीवन में आसानी से शामिल करके शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक खुशहाली और जीवन की गुणवत्ता को उन्नत किया जा सकता है।

इन सत्रों के साथ-साथ, लोगों को ‘मिरेकल ऑफ़ माइंड’ के बारे में भी बताया जा रहा है। यह सद्गुरु का सात मिनट का निःशुल्क निर्देशित ध्यान है, जिससे कोई भी आसानी से ध्यान को अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बना सकता है।
‘मिरेकल ऑफ़ माइंड’ ऐप के ज़रिए उपलब्ध यह ध्यान, दुनिया भर में 35 लाख से ज़्यादा सक्रिय उपयोगकर्ताओं तक पहुँच चुका है और अभी छह भाषाओं — अंग्रेज़ी, हिंदी, तमिल, तेलुगु, स्पैनिश और रूसी — में उपलब्ध है। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर, ऐप में छह और भाषाएँ — गुजराती, कन्नड़, मलयालम, बांग्ला, इटैलियन और नेपाली — जोड़ी जाएँगी, जिससे यह ध्यान और भी ज़्यादा लोगों के लिए उनकी अपनी भाषाओं में उपलब्ध हो सकेगा।
इस ध्यान के लिए योग की पहले से कोई जानकारी या अनुभव होने की ज़रूरत न होने के कारण, यह जीवन के हर क्षेत्र के लोगों के लिए उपलब्ध है। यह ऐप isha.sadhguru.org/in/en/miracle-of-mind पर जीवन भर के लिए निःशुल्क उपलब्ध है।
देश भर में चलाए जा रहे कार्यक्रमों के साथ-साथ, ईशा केंद्रों पर भी ‘अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस’ के विशेष आयोजन भी किए जाएंगे। बेंगलुरु के सद्गुरु सन्निधि में आदियोगी की मौजूदगी में एक बड़ा कार्यक्रम होगा, जिसमें NCC कैडेट, बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) के जवान, छात्र, ग्रामीण, स्वयंसेवक और आम लोगों समेत 2,300 से ज़्यादा प्रतिभागी शामिल होंगे। वहीं, कोयंबटूर के ईशा योग केंद्र में 700 से ज़्यादा प्रतिभागी योग और ध्यान सत्रों में हिस्सा लेंगे; इनमें ‘यंग इंडियंस कोयंबटूर चैप्टर’ के 500 छात्र और सेंट्रल रिज़र्व पुलिस फ़ोर्स (CRPF) के 200 जवान शामिल होंगे।
सिर्फ़ पिछले एक साल में, कोयंबटूर के ईशा योग केंद्र में कराए गए मुफ़्त योग और ध्यान सत्रों का लाभ सात लाख से ज़्यादा आगंतुकों ने उठाया है, जो इन रूपांतरणकारी अभ्यासों के प्रति बढ़ती दिलचस्पी को दिखाता है।
ईशा फ़ाउंडेशन के बारे में
सद्गुरु के मार्गदर्शन में, ईशा फ़ाउंडेशन 30 से ज़्यादा सालों से योग के प्राचीन विज्ञान को उसके शुद्धतम रूप में प्रदान कर रहा है। दुनिया भर में 400 से ज़्यादा केंद्रों पर 1.7 करोड़ से ज़्यादा स्वयंसेवियों के सहयोग से, यह फ़ाउंडेशन इस पहल के ज़रिए मानव खुशहाली के लिए काम कर रहा है जो जीवन के शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक और आध्यात्मिक आयामों पर ध्यान देती है। शक्तिशाली योग और ध्यान कार्यक्रमों के ज़रिए, ईशा आतंरिक खुशहाली के लिए रूपांतरणकारी साधन प्रदान करता है, जिससे दुनिया भर के लाखों लोग ज़्यादा स्वस्थ, आनंदमय और तृप्तिदायक जीवन जीते हैं।








