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जर्मन कोर्ट का बड़ा फैसला: AI से फैली गलत जानकारी के लिए Google को ठहराया जा सकता है जिम्मेदार

By Nandini Sharma

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जर्मन कोर्ट का बड़ा फैसला
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आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की बढ़ती भूमिका के बीच जर्मनी की एक अदालत ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने कहा है कि Google की AI Overviews सेवा द्वारा उत्पन्न गलत या मानहानिकारक जानकारी के लिए कंपनी को जिम्मेदार ठहराया जा सकता है।

The Decoder की रिपोर्ट के अनुसार, यह मामला दो जर्मन प्रकाशकों द्वारा दायर किया गया था। उनका आरोप था कि Google के AI Overviews फीचर ने उनके व्यवसायों को गलत तरीके से “स्कैम” बताया और संदिग्ध गतिविधियों में शामिल होने का दावा किया।

मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने पारंपरिक सर्च इंजन और AI द्वारा तैयार किए गए उत्तरों के बीच स्पष्ट अंतर किया। अदालत ने कहा कि पारंपरिक सर्च इंजन केवल अन्य वेबसाइटों पर उपलब्ध जानकारी के लिंक और अंश दिखाते हैं, जबकि AI Overviews विभिन्न स्रोतों की जानकारी के आधार पर नए उत्तर तैयार करते हैं।

अदालत के अनुसार, AI Overviews केवल किसी तीसरे पक्ष की सामग्री को प्रदर्शित नहीं करते, बल्कि “स्वतंत्र, नए और सार्थक बयान” तैयार करते हैं। इसी आधार पर अदालत ने माना कि AI द्वारा उत्पन्न उत्तरों को पारंपरिक सर्च परिणामों की तरह नहीं देखा जा सकता।

फैसले में कहा गया कि AI सिस्टम को सुधारने, संशोधित करने या उसके आउटपुट को नियंत्रित करने की क्षमता केवल Google के पास है।

इसलिए यदि AI द्वारा तैयार किए गए उत्तरों में गलत या मानहानिकारक दावे शामिल हैं, तो उन्हें Google की अपनी व्यावसायिक गतिविधि का हिस्सा माना जा सकता है और कंपनी को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया जा सकता है।

Google ने अदालत में दलील दी कि अधिकांश उपयोगकर्ता जानते हैं कि AI सिस्टम पूरी तरह सटीक नहीं होते और उनके उत्तरों की स्वतंत्र रूप से जांच की जानी चाहिए। कंपनी ने यह भी कहा कि वह AI Overviews की गुणवत्ता और सटीकता बेहतर बनाने के लिए लगातार निवेश कर रही है।

फैसले के बाद Google ने कहा कि AI Overviews के अधिकांश उत्तर सटीक जानकारी प्रदान करते हैं और कंपनी इस तकनीक को और बेहतर बनाने के लिए काम कर रही है। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि यह फैसला अभी अंतिम नहीं है और इसकी आगे कानूनी समीक्षा हो सकती है।

यह मामला वैश्विक स्तर पर इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि यह AI की कानूनी जवाबदेही से जुड़े बड़े सवाल को सामने लाता है।

ChatGPT, Microsoft Copilot, Claude और Google AI Overviews जैसे जनरेटिव AI टूल्स अब केवल जानकारी खोजने का माध्यम नहीं रह गए हैं, बल्कि सीधे उत्तर तैयार करके उपयोगकर्ताओं को उपलब्ध करा रहे हैं।

जर्मन अदालत का यह फैसला उन शुरुआती न्यायिक निर्णयों में शामिल है जो यह तय करने की दिशा में महत्वपूर्ण संकेत देते हैं कि AI द्वारा उत्पन्न गलत जानकारी के लिए जिम्मेदारी किसकी होगी। हालांकि यह फैसला फिलहाल जर्मनी तक सीमित है, लेकिन इससे दुनिया भर में AI नियमन और जवाबदेही पर चल रही चर्चाओं को नई दिशा मिलने की संभावना है।

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