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झारखंड में दिमागी मलेरिया का प्रकोप: 48 घंटे में 3 बच्चों की मौत, कई अस्पताल में भर्ती

By Priya Gupta

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जमशेदपुर: झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले के पोटका प्रखंड में सेरेब्रल (दिमागी) मलेरिया का प्रकोप गंभीर रूप लेता जा रहा है। पिछले 48 घंटों में इस बीमारी से कम से कम तीन बच्चों की मौत हो चुकी है, जबकि 20 से अधिक मरीजों का इलाज जमशेदपुर के महात्मा गांधी मेमोरियल (एमजीएम) मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में चल रहा है। इनमें कई मरीजों की हालत गंभीर बताई जा रही है।

लगातार सामने आ रहे मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने पोटका के नौ गांवों में विशेष निगरानी अभियान शुरू किया है। मेडिकल टीमें घर-घर जाकर लोगों की जांच कर रही हैं और संदिग्ध मरीजों की स्क्रीनिंग की जा रही है। साथ ही प्रभावित इलाकों में विशेष मेडिकल कैंप भी लगाए गए हैं।

जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. असद के अनुसार, मानसून शुरू होने के बाद इन गांवों में मलेरिया और विशेष रूप से सेरेब्रल मलेरिया के मामलों में अचानक वृद्धि दर्ज की गई है। उन्होंने तीन बच्चों की मौत की पुष्टि करते हुए लोगों से बुखार या अन्य लक्षण दिखाई देने पर तुरंत अस्पताल जाने की अपील की है।

मृत बच्चों की पहचान पीएम श्री कस्तूरबा गांधी रेजिडेंशियल स्कूल की सातवीं कक्षा की छात्रा लक्खी सरदार, दाउदरोडिया गांव के आठ वर्षीय राहुल सरदार और कंदर गांव के आठ वर्षीय सुबोला सरदार के रूप में हुई है।

सुबोला सरदार की एक वर्षीय बहन खुशबू सरदार भी सेरेब्रल मलेरिया से संक्रमित पाई गई है। उसकी हालत गंभीर है और वह एमजीएम अस्पताल के पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट (PICU) में वेंटिलेटर सपोर्ट पर भर्ती है।

स्वास्थ्य विभाग की जांच के दौरान अब तक 14 से अधिक नए मरीजों की पुष्टि हुई है। इनमें कस्तूरबा गांधी स्कूल के तीन छात्र और सबार आदिवासी समुदाय का नौ महीने का एक बच्चा भी शामिल है। मेडिकल टीमों ने अब तक 600 से अधिक लोगों की जांच की है और प्रभावित गांवों में दवाओं के साथ-साथ मच्छरों से बचाव के उपाय भी बताए जा रहे हैं।

इस बीच प्रशासन ने इलाज में कथित लापरवाही के आरोप में पोटका के एक निजी क्लिनिक को सील कर दिया है। आरोप है कि एक बच्ची में सेरेब्रल मलेरिया के स्पष्ट लक्षण होने के बावजूद उसे समय पर उचित इलाज नहीं दिया गया। मामले की जांच शुरू कर दी गई है और क्लिनिक संचालक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

सेरेब्रल मलेरिया, मलेरिया का सबसे गंभीर रूप माना जाता है। समय पर इलाज न मिलने पर यह बीमारी जानलेवा साबित हो सकती है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि बुखार, तेज सिरदर्द, बेहोशी या दौरे जैसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें और मच्छरों से बचाव के सभी उपाय अपनाएं।

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