भारतीय स्टार्टअप जगत का एक जाना-पहचाना नाम, कुणाल शाह, एक बार फिर चर्चा के केंद्र में हैं। Meta द्वारा WhatsApp की कमान उन्हें सौंपे जाने की खबर ने न सिर्फ टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री बल्कि पूरे भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम में उत्साह पैदा कर दिया है।
लंबे समय तक WhatsApp का नेतृत्व करने वाले विल कैथकार्ट के पद छोड़ने के बाद अब दुनिया के सबसे बड़े मैसेजिंग प्लेटफॉर्म की जिम्मेदारी कुणाल शाह के कंधों पर होगी।
30 मई 1979 को जन्मे Kunal Shah का सफर किसी आम कारोबारी की तरह नहीं रहा। उन्होंने मुंबई के विल्सन कॉलेज से दर्शनशास्त्र (Philosophy) की पढ़ाई की।
इसके बाद उन्होंने नरसी मोनजी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज (NMIMS) में पार्ट-टाइम MBA प्रोग्राम में दाखिला लिया, लेकिन उद्यमिता का जुनून उन्हें पारंपरिक करियर की राह पर ज्यादा समय तक नहीं रोक सका।
कुणाल शाह ने अपने स्टार्टअप करियर की शुरुआत ‘पैसाबैक’ नाम के एक कैशबैक और कस्टमर रिवॉर्ड्स प्लेटफॉर्म से की। यही प्लेटफॉर्म आगे चलकर FreeCharge बना, जिसने भारत में डिजिटल पेमेंट्स की दुनिया को बदलकर रख दिया। 2010 में संदीप टंडन के साथ मिलकर शुरू किए गए FreeCharge ने उस समय लोगों को मोबाइल रिचार्ज पर कैशबैक और रिवॉर्ड्स देना शुरू किया, जब ऑनलाइन पेमेंट्स अभी शुरुआती दौर में थे।
FreeCharge की लोकप्रियता तेजी से बढ़ी और 2015 में Snapdeal ने इसे एक बड़े सौदे के तहत खरीद लिया। इस डील ने कुणाल शाह को भारत के सबसे सफल स्टार्टअप फाउंडर्स की सूची में शामिल कर दिया।
FreeCharge की बिक्री के बाद कुणाल शाह ने खुद को केवल एक उद्यमी तक सीमित नहीं रखा। वह भारत के सबसे सक्रिय एंजेल इन्वेस्टर्स में से एक बन गए। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने 250 से अधिक स्टार्टअप्स में निवेश किया है। इनमें BharatPe, Razorpay, Unacademy और कई अन्य सफल कंपनियां शामिल हैं। स्टार्टअप जगत में उनके विचारों और बिजनेस समझ को काफी सम्मान दिया जाता है।
कुणाल शाह ने कई महत्वपूर्ण नेतृत्व भूमिकाएं भी निभाईं। वह इंटरनेट एंड मोबाइल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (IAMAI) के चेयरमैन रहे। इसके अलावा उन्होंने Sequoia Capital India (अब Peak XV Partners) के सलाहकार के रूप में काम किया और फिनटेक कंपनी Pine Labs के बोर्ड में भी अपनी सेवाएं दीं। साल 2016 में Fortune India ने उन्हें अपनी प्रतिष्ठित ’40 Under 40′ सूची में शामिल किया था।
हालांकि, उनकी सबसे चर्चित उपलब्धियों में से एक CRED की स्थापना रही। साल 2018 में लॉन्च हुए CRED ने क्रेडिट कार्ड बिल समय पर चुकाने वाले ग्राहकों को रिवॉर्ड देने की अनोखी अवधारणा पेश की। शुरुआत में कई लोगों को इसका बिजनेस मॉडल समझ नहीं आया, लेकिन देखते ही देखते CRED भारत के सबसे लोकप्रिय फिनटेक ब्रांड्स में शामिल हो गया। आज कंपनी पेमेंट्स, लोन, ई-कॉमर्स और कई वित्तीय सेवाएं प्रदान करती है।
कुणाल शाह की पहचान सिर्फ एक सफल कारोबारी के रूप में नहीं है। उन्हें उपभोक्ता व्यवहार (Consumer Behaviour) की गहरी समझ रखने वाले विचारक और दूरदर्शी उद्यमी के रूप में भी जाना जाता है। उनके इंटरव्यू, पॉडकास्ट और सोशल मीडिया पोस्ट युवा उद्यमियों के बीच बेहद लोकप्रिय हैं।
अब WhatsApp जैसी वैश्विक सेवा की कमान संभालना उनके करियर की सबसे बड़ी जिम्मेदारी मानी जा रही है। दुनिया भर में अरबों यूजर्स और भारत जैसे विशाल बाजार के साथ WhatsApp डिजिटल संचार का सबसे महत्वपूर्ण मंच बन चुका है।
ऐसे में कुणाल शाह की नियुक्ति सिर्फ उनकी व्यक्तिगत सफलता की कहानी नहीं है, बल्कि यह इस बात का भी प्रमाण है कि भारतीय प्रतिभाएं अब वैश्विक तकनीकी नेतृत्व में अहम भूमिका निभा रही हैं। आने वाले समय में सबकी नजर इस बात पर होगी कि उनके नेतृत्व में WhatsApp किस दिशा में आगे बढ़ता है और वह इस प्लेटफॉर्म के भविष्य को किस तरह आकार देते हैं।






