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ए.आर. रहमान ‘सांप्रदायिक टिप्पणी’ विवाद: BBC इंटरव्यू से सफ़ाई तक, पूरा मामला

By Anushka Singh

Updated on:

AR Rahman breaks silence
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BBC को दिए बयान के बाद ऑस्कर विजेता संगीतकार ए.आर. रहमान सांप्रदायिक टिप्पणी के आरोपों में घिर गए। सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग बढ़ी, जिसके बाद उन्होंने वीडियो जारी कर अपनी बात स्पष्ट की। पूरा मामला विस्तार से पढ़ें।


BBC इंटरव्यू में रहमान ने क्या कहा था?

BBC से बातचीत में रहमान ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में उनका काम कम हुआ है। उन्होंने इसकी वजह शिफ्ट होते पावर डायनामिक्स को बताया और कहा कि फैसले अब अक्सर ऐसे लोगों द्वारा लिए जाते हैं, जो रचनात्मक प्रक्रिया से जुड़े नहीं होते।

इसी बातचीत में उन्होंने यह भी कहा कि यह बदलाव संभवतः सांप्रदायिक कारणों से भी जुड़ा हो सकता है, लेकिन यह बात उन्हें सीधे नहीं कही गई — बल्कि “चाइनीज़ व्हिस्पर्स” के ज़रिये सुनने को मिली।


सोशल मीडिया पर विवाद कैसे बढ़ा

इस बयान के कुछ हिस्से जैसे ही सोशल मीडिया पर वायरल हुए, कई लोगों ने इसे यह कहकर आलोचना की कि रहमान बॉलीवुड में सांप्रदायिक भेदभाव का आरोप लगा रहे हैं।

हालांकि, उनके समर्थकों का कहना था कि बयान को संदर्भ से काटकर पेश किया गया।


वीडियो में रहमान की सफ़ाई

बढ़ते विवाद के बीच रहमान ने इंस्टाग्राम पर वीडियो जारी कर कहा:

“संगीत हमेशा से मेरा माध्यम रहा है — जोड़ने का, सम्मान करने का। भारत मेरा घर है। मेरा कभी इरादा किसी को दुख पहुंचाने का नहीं रहा।”

उन्होंने कहा कि भारत उन्हें रचनात्मक स्वतंत्रता देता है और विविध आवाज़ों का सम्मान करता है।


अपने सफ़र पर क्या बोले रहमान

रहमान ने जला, रुही नूर, सनशाइन ऑर्केस्ट्रा, सीक्रेट माउंटेन और हांस ज़िमर के साथ रामायण प्रोजेक्ट का ज़िक्र करते हुए कहा कि इन अनुभवों ने उनके उद्देश्य को और मजबूत किया।


इंडस्ट्री की प्रतिक्रिया

“इस बयान के बाद इंडस्ट्री से भी प्रतिक्रियाएं आईं।
लेखिका शोभा डे ने कहा कि बॉलीवुड ने कभी सांप्रदायिक भेदभाव नहीं किया। शोभा डे ने कहा, “ये बहुत ख़तरनाक कमेंट है.. मैं पचास साल से बॉलीवुड को देख रही हूँ. अगर मैंने कोई ऐसी जगह देखी है जो सांप्रदायिकता से मुक्त है, तो वो बॉलीवुड है. आप में टैलेंट हो तो आपको चांस मिलेगा.”

गायक शान बोले —‘काम मिलना या न मिलना व्यक्तिगत पसंद का मामला है।

सिंगर शान ने कहा, ‘जब काम न मिलने की बात आती है, तो मैं आपके सामने खड़ा हूं. मैंने इतने सालों में इतना गाया है, फिर भी मुझे भी कभी-कभी काम नहीं मिलता. उन्होंने आगे कहा, ‘संगीत इस तरह काम नहीं करता. अगर ऐसा होता, तो पिछले 30 सालों के हमारे तीन सुपरस्टार्स, जिन्हें आप अल्पसंख्यक समुदाय से भी कह सकते है.

वहीं गीतकार जावेद अख्तर ने कहा कि उन्होंने इंडस्ट्री में कभी ऐसा माहौल महसूस नहीं किया।” उन्होंने कहा, “मुझे कभी ऐसा नहीं लगा. मैं मुंबई में सभी लोगों से मिलता हूँ. लोग उनका (एआर रहमान का) बहुत सम्मान करते हैं. हो सकता है कि लोग ये समझते हों कि अभी वो वेस्ट में ज़्यादा व्यस्त हो गए हैं. हो सकता है लोग समझते हों कि उनके प्रोग्राम बहुत बड़े-बड़े होते हैं, उसमें ज़्यादा समय जाता है.”

जावेद अख़्तर ने आगे कहा, “रहमान इतने बड़े आदमी हैं कि छोटे-मोटे प्रोड्यूसर उनके पास जाने से भी डरते हैं. लेकिन मैं नहीं समझता कि इसमें कोई भी कम्यूनल एलिमेंट है.”

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