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Inside Story: अमित शाह की बैठक से मेदांता अस्पताल तक… कैसे खत्म हुआ सोनम वांगचुक का अनशन?

By Tazanow Desk

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Sonam Wangchuk Ends hunger strike
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नई दिल्ली: गुरुवार को महज एक घंटे के भीतर ऐसे कई घटनाक्रम हुए, जिन्होंने 26 दिनों से जारी सोनम वांगचुक के आमरण अनशन को खत्म कराने की दिशा तय कर दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वीडियो संदेश, शिक्षा सचिव में बदलाव, पेपर लीक मामलों पर तेज़ी से कार्रवाई और सरकार की ओर से दिए गए बड़े आश्वासन—इन सबने मिलकर पूरे घटनाक्रम को नई दिशा दी।

सूत्रों के मुताबिक, जैसे-जैसे छात्रों का आंदोलन तेज हुआ और सोनम वांगचुक की सेहत को लेकर चिंता बढ़ी, गृह मंत्री अमित शाह ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह के साथ करीब चार घंटे लंबी बैठक की। इस बैठक में वांगचुक की सेहत को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उनकी मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाने का फैसला किया गया।

बैठक के बाद डॉ. जितेंद्र सिंह ने वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंगमो से बात कर भरोसा दिलाया कि सरकार उनकी चिंताओं को गंभीरता से सुन रही है। उन्होंने वांगचुक से अनशन समाप्त करने की अपील भी की।

इसके बाद शाम को केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल पहुंचे, जहां उन्होंने सरकार की ओर से लिखित आश्वासन पत्र सौंपा। इसके बाद सोनम वांगचुक ने अपना 26 दिन लंबा अनशन समाप्त कर दिया।

एक घंटे में हुए 5 बड़े घटनाक्रम

1. प्रधानमंत्री मोदी का संदेश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छात्रों को वीडियो संदेश जारी करते हुए उन्हें “Friends” कहकर संबोधित किया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पेपर लीक रोकने के लिए सख्त कानून लाया जाएगा।

2. शिक्षा सचिव में बदलाव

सरकार ने बड़ा प्रशासनिक फैसला लेते हुए विनीत जोशी की जगह नरेश पाल गंगवार को नया शिक्षा सचिव नियुक्त किया।

3. फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन

दिल्ली हाईकोर्ट ने NEET पेपर लीक से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित कर दी।

4. नए कानून की तैयारी

सरकार ने संकेत दिया कि पेपर लीक रोकने से जुड़े नए विधेयक के मसौदे को कैबिनेट की मंजूरी के लिए रखा जाएगा और अगले सप्ताह इसे संसद में पेश करने की तैयारी है।

5. बातचीत का रास्ता खुला

सरकार ने सीजेपी प्रतिनिधिमंडल को तटस्थ स्थान पर बातचीत का निमंत्रण देने का फैसला किया। साथ ही यह भी आश्वासन दिया गया कि जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों और 20 जुलाई के संसद मार्च में शामिल लोगों के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी।

अनशन समाप्त करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर सोनम वांगचुक के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। वहीं सोनम वांगचुक ने कहा कि वह लद्दाख लौटने से पहले अपने समर्थकों और छात्रों से मुलाकात करेंगे और उन्हें सरकार के आश्वासनों पर भरोसा बनाए रखने तथा आंदोलन को पूरी तरह शांतिपूर्ण ढंग से जारी रखने की अपील करेंगे।

अब सबकी नजर सरकार और सीजेपी के बीच होने वाली प्रस्तावित बातचीत पर है। यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार अपने वादों को कितनी जल्दी अमल में लाती है और क्या यह संवाद आंदोलन का स्थायी समाधान निकाल पाएगा।

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