उत्तर प्रदेश पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा के दूसरे दिन एक ओर जहां प्रशासन परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए कड़े सुरक्षा इंतजामों का दावा कर रहा है, वहीं दूसरी ओर परीक्षा देने जा रहे अभ्यर्थियों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ा।
सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रदेशभर में 30 हजार से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, बायोमेट्रिक सत्यापन की व्यवस्था की गई है और पेपर लीक से जुड़े माफियाओं के खिलाफ लगातार एफआईआर दर्ज की जा रही हैं।
इसके बावजूद परीक्षार्थियों की यात्रा और व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर चुनौतियां सामने आईं।
सोमवार को परीक्षा समाप्त होने के बाद राजधानी लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन पर भारी भीड़ देखने को मिली।
परीक्षा देकर लौट रहे हजारों अभ्यर्थी ट्रेनों में सवार होने के लिए प्लेटफॉर्म पर जमा हो गए। भीड़ इतनी अधिक थी कि कई छात्र अपनी जान जोखिम में डालकर ट्रेनों की आपातकालीन खिड़कियों के रास्ते अंदर घुसने को मजबूर दिखाई दिए।
स्टेशन पर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा और सुरक्षा व्यवस्था भी भीड़ को नियंत्रित करने में संघर्ष करती नजर आई।
वहीं दूसरी ओर, उन्नाव जिले में आए तेज आंधी-तूफान ने परीक्षार्थियों की मुश्किलें और बढ़ा दीं। खराब मौसम के कारण कानपुर से बालामऊ जा रही ट्रेन के मार्ग पर एक बड़ा पेड़ गिर गया, जिससे रेल यातायात प्रभावित हो गया। ट्रेन कई घंटों तक बीच रास्ते में खड़ी रही। इस ट्रेन में सवार सैकड़ों अभ्यर्थी परीक्षा केंद्रों तक समय पर पहुंचने को लेकर चिंतित दिखाई दिए।
कई छात्रों ने बताया कि वे परीक्षा देने के लिए देर रात से यात्रा कर रहे थे, लेकिन अचानक आई इस बाधा ने उनकी तैयारी और मनोबल दोनों को प्रभावित किया।
अभ्यर्थियों का कहना है कि परीक्षा की सुरक्षा व्यवस्था जितनी महत्वपूर्ण है, उतना ही जरूरी उनके आवागमन और सुविधा संबंधी व्यवस्थाओं पर ध्यान देना भी है।
बड़ी संख्या में उम्मीदवार दूर-दराज के जिलों से परीक्षा देने पहुंचते हैं, ऐसे में रेलवे और परिवहन विभाग के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
हालांकि प्रशासन परीक्षा को सफलतापूर्वक संपन्न कराने का दावा कर रहा है, लेकिन सामने आई इन घटनाओं ने यह सवाल जरूर खड़ा कर दिया है कि क्या परीक्षार्थियों की सुविधाओं और सुरक्षा को लेकर पर्याप्त तैयारी की गई थी।







