होम देश दुनिया खेल मनोरंजन लाइफस्टाइल
वेब स्‍टोरी ज़रा हटके

बीएमसी चुनाव में भाजपा की धमाकेदार जीत, “रसमलाई” कटाक्ष पर राज ठाकरे को ओछी टक्कर

By Tazanow Desk

Published on:

Raj Thackeray Rasmalai Jibe
---Advertisement---

मुंबई, 17 जनवरी । बृहन्मुंबई महानगरपालिका के 2026 के चुनावों में बीजेपी-शिवसेना (शिंदे) गठबंधन ने भारी बहुमत से जीत दर्ज की है, जिससे शहर के सबसे अमीर निकाय पर सत्ताधारी दलों का कब्ज़ा और भी मजबूत हुआ है। बीजेपी अकेली सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, जिसमें उसने 227 सदस्यीय निगम में 89 सीटें हासिल की हैं, जबकि शिवसेना (उद्धव) के खाते में 65 सीटें आईं। शिवसेना (शिंदे) को 29, कांग्रेस को 24 और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना को 6 सीटें मिली हैं।

भाजपा की जीत का नजारा इन चुनावों में खास रहा, जहां पार्टी ने प्रमुख वॉडों में शानदार प्रदर्शन किया। ऐसा प्रदर्शन उन स्थानों पर भी देखा गया जहाँ के. अन्नामलाई ने प्रचार किया था। तीन मुख्य वार्डों — मलाड वेस्ट, वार्ड 47 और वार्ड 35 — में भाजपा के उम्मीदवारों ने जीत हासिल की, जिससे अन्नामलाई के प्रचार को पुख्ता समर्थन मिला।

बीजेपी की जीत पर पार्टी ने राज ठाकरे के उस विवादित ‘रसमलाई’ कटाक्ष का जमकर जवाब दिया, जिसमें ठाकरे ने अन्नामलाई का मज़ाक उड़ाते हुए उनका तंज किया था। भाजपा नेताओं ने सोशल मीडिया पर ‘रसमलाई’ की तस्वीरें पोस्ट करते हुए जवाबी तंज कसा और अपनी जीत का जश्न मनाया।

राज ठाकराय के ‘रसमलाई’ वाले तंज को भाजपा समर्थकों और कार्यकर्ताओं ने भी अपनी जीत के संकेत के रूप में लिया। सोशल मीडिया पर #Rasmalai ट्रेंड भी देखने को मिला, जहां जीत के बाद समर्थकों ने कटाक्ष को खूबसूरती से पलटा। कई भाजपा नेताओं ने लिखा कि “मुंबई में जीत होती है, शोर नहीं।”

विशेषज्ञ राजनीतिक टिप्पणीकारों का कहना है कि इस बार बीएमसी चुनाव में भाजपा-शिवसेना की बढ़त ने शहर की राजनीतिक तस्वीर को बदल दिया है। जनता ने विकास और प्रशासनिक एजेंडा को प्राथमिकता देते हुए मतदान किया, जिससे पार्टी को स्पष्ट बहुमत मिला।

वहीं विपक्षी महा विकास आघाडी (MVA) खेमे में तालमेल और रणनीति की कमी सार्वजनिक मंच पर सवालों के घेरे में आ गई है। मेट्रोपॉलिटन वोटर का रुझान विविधता में दिखा, लेकिन भाजपा की मजबूत संगठित रणनीति ने इसे मात दी।

इस जीत के साथ भाजपा-शिवसेना गठबंधन 25 में से अधिकांश महानगरपालिकाओं पर प्रभावी नियंत्रण बनाने की ओर है और महाराष्ट्र में स्थानीय निकायों में सत्ता संतुलन में बड़ा बदलाव आया है।

---Advertisement---

Leave a Comment