पूर्व आईपीएल कमिश्नर ललित मोदी ने क्रिकेट प्रशासन छोड़ने की वजह को लेकर कई चौंकाने वाले दावे किए हैं। ANI को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम और उसके कथित सट्टेबाजी नेटवर्क से मिली धमकियां उनके क्रिकेट से दूर होने की बड़ी वजह थीं।
ललित मोदी के अनुसार, आईपीएल के शुरुआती वर्षों में मैच फिक्सिंग के खिलाफ उनकी सख्त कार्रवाई के कारण उनका टकराव एक बड़े अवैध सट्टा नेटवर्क से हुआ, जिसे उन्होंने डी-कंपनी से जुड़ा बताया। उन्होंने दावा किया कि दाऊद इब्राहिम ने उन्हें खत्म करने की तीन बार कोशिश की और उनका बेटा लंदन में अगवा भी किया गया था।
ललित मोदी के अनुसार, आईपीएल के शुरुआती वर्षों में मैच फिक्सिंग के खिलाफ उनकी सख्त कार्रवाई के कारण उनका टकराव एक बड़े अवैध सट्टा नेटवर्क से हुआ, जिसे उन्होंने डी-कंपनी से जुड़ा बताया। उन्होंने दावा किया कि दाऊद इब्राहिम ने उन्हें खत्म करने की तीन बार कोशिश की और उनका बेटा लंदन में अगवा भी किया गया था।
मोदी ने क्रिकेट सट्टेबाजी के कथित कारोबार के आकार पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि पहले जहां यह अवैध कारोबार करीब 2 अरब डॉलर का था, वहीं अब यह बढ़कर लगभग 4 अरब डॉलर प्रति मैच तक पहुंच गया है।
उन्होंने यह भी दावा किया कि आज की स्पॉट फिक्सिंग पहले से कहीं ज्यादा जटिल हो चुकी है। उनके मुताबिक, मैदान पर छोटे-छोटे गुप्त संकेतों के जरिए खास गेंदों या ओवरों को निशाना बनाया जाता है।
ललित मोदी ने कहा, “कोई रूमाल निकालता है, कोई किसी चीज़ को अलग तरीके से छूता है और वही एक संकेत बन जाता है। हम इन संकेतों पर नजर रखते हैं और इन्हें समझने की कोशिश करते हैं।”
हालांकि, ये सभी दावे ललित मोदी द्वारा किए गए आरोप हैं, जिनकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।







