लचीलापन, मानसिक शांति और बेहतर सेहत की तलाश में योग एक प्रभावी साधन माना जाता है। इसी कड़ी में आयुष मंत्रालय ने सूर्य नमस्कार की 12 मुद्राओं के लाभों को साझा करते हुए बताया है कि यह योग अभ्यास शरीर और मन दोनों के लिए बेहद लाभकारी है।
आयुष मंत्रालय के अनुसार, सूर्य नमस्कार योग का एक प्राचीन और संपूर्ण अभ्यास है, जिसमें 12 अलग-अलग मुद्राएं शामिल होती हैं। ये सभी मुद्राएं शरीर की लगभग हर मांसपेशी को सक्रिय करती हैं और पूरे शरीर को एक साथ काम करने के लिए प्रेरित करती हैं। नियमित अभ्यास से शरीर में लचीलापन आता है, मेटाबॉलिज्म तेज होता है और वजन घटाने में भी मदद मिलती है।
मंत्रालय ने बताया कि सूर्य नमस्कार का अभ्यास करते समय सही श्वास प्रक्रिया का पालन करना बेहद जरूरी है। इसकी शुरुआत नमस्कार मुद्रा से होती है, जिसमें दोनों हथेलियों को जोड़कर ध्यान केंद्रित किया जाता है। यह मुद्रा मन को शांत करती है और शरीर को आगे की क्रियाओं के लिए तैयार करती है।
इसके बाद पीछे की ओर झुकने वाली मुद्रा रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाती है और फेफड़ों को खोलती है, जिससे शरीर को अधिक ऑक्सीजन मिलती है। वहीं सिर को नीचे झुकाने और आगे की ओर झुकने वाली मुद्राएं रक्त संचार को बेहतर बनाती हैं और तनाव, सिरदर्द व थकान को कम करने में सहायक होती हैं।
सूर्य नमस्कार की खास बात यह है कि इसमें शरीर को झुकाने, मोड़ने और फैलाने की कई गतियां शामिल होती हैं। इससे मांसपेशियां मजबूत होती हैं, संतुलन बेहतर होता है और चोट लगने का खतरा भी कम होता है। यह अभ्यास उन लोगों के लिए खास तौर पर फायदेमंद है, जो व्यस्त दिनचर्या के बावजूद फिट रहना चाहते हैं।
आयुष मंत्रालय का कहना है कि सूर्य नमस्कार का नियमित अभ्यास न केवल शारीरिक शक्ति बढ़ाता है, बल्कि मानसिक तनाव को भी कम करता है। इससे पाचन तंत्र बेहतर होता है, प्रतिरक्षा प्रणाली मजबूत होती है और शरीर बीमारियों से लड़ने में सक्षम बनता है।







