नई दिल्ली: टी20 वर्ल्ड कप में भारत और पाकिस्तान के बीच 15 फरवरी को होने वाला बहुप्रतीक्षित मुकाबला अब तय हो गया है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) के बीच दो सप्ताह तक चले तनाव के बाद पाकिस्तान ने अपने बहिष्कार के रुख से यू-टर्न लेते हुए खेलने की सहमति दे दी। इस घटनाक्रम पर भारत में राजनीतिक और क्रिकेट जगत से तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।
पूर्व भारतीय स्पिनर हरभजन सिंह ने कहा कि पाकिस्तान का यू-टर्न पहले से तय था। उन्होंने कहा, “मैंने पहले ही कहा था कि पाकिस्तान यू-टर्न लेगा, क्योंकि वह भारत के बिना नहीं चल सकता, जबकि भारत किसी पर निर्भर नहीं है।”
पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि खेल और राजनीति अलग हैं। उन्होंने कहा कि भारत-पाकिस्तान मुकाबले हमेशा रोमांचक होते हैं, हालांकि भारत की टीम फिलहाल बहुत मजबूत है और पाकिस्तान के लिए जीत आसान नहीं होगी।
BCCI उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने इसे ICC की मध्यस्थता से निकला सकारात्मक समाधान बताया। उन्होंने ICC की सराहना करते हुए कहा कि यह सभी के लिए “विन-विन स्थिति” है और इससे वर्ल्ड कप सफल होगा।
हालांकि राजनीतिक प्रतिक्रियाएं अलग रहीं। शिवसेना (UBT) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि भारत को स्पष्ट रुख लेना चाहिए था और पाकिस्तान से नहीं खेलना चाहिए था। उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान आर्थिक दबाव के कारण खेलने को तैयार हुआ होगा।
पूर्व क्रिकेटर मदन लाल ने कहा कि पाकिस्तान का खेलना क्रिकेट के लिए अच्छा है, क्योंकि भारत-पाक मुकाबला टूर्नामेंट का आकर्षण होता है। उन्होंने यह भी कहा कि दोनों टीमों पर दबाव रहेगा और पाकिस्तान पर अधिक दबाव हो सकता है।
जम्मू-कश्मीर के खेल मंत्री सतीश शर्मा ने भारत के पाकिस्तान से खेलने का विरोध किया, जबकि कांग्रेस नेता इमरान मसूद ने भी पाकिस्तान के साथ क्रिकेट संबंधों का विरोध जताया।
राजनीतिक और क्रिकेट बहस जारी है, लेकिन अब सबकी नजरें 15 फरवरी के हाई-वोल्टेज भारत-पाक मुकाबले पर टिकी हैं।







