इस ऐतिहासिक मुकाबले में संजू सैमसन की 42 गेंदों में 89 रन की विस्फोटक पारी, ईशान किशन की तूफानी 39 रन की इनिंग, और शिवम दुबे की तेज़ 43 रन की पारी ने मिलकर इंग्लैंड के गेंदबाज़ों की धज्जियां उड़ा दीं। नतीजा — भारत ने सेमीफाइनल जैसे बड़े मंच पर 20 ओवर में 253 रन का पहाड़ जैसा स्कोर खड़ा कर दिया।
बड़े खिलाड़ी वही होते हैं जो बड़े मंच पर अपने खेल का स्तर और ऊपर उठा देते हैं। हाल ही में वेस्टइंडीज के खिलाफ शानदार पारी खेलकर सुर्खियों में आए संजू सैमसन ने इस करो या मरो के मुकाबले में एक बार फिर साबित कर दिया कि दबाव उनके खेल को और खतरनाक बना देता है।
टॉस हारने के बाद भारत को पहले बल्लेबाजी का न्योता मिला। ओपनिंग के लिए मैदान पर आए संजू सैमसन ने शुरुआत में कुछ गेंदें देखीं, लेकिन जैसे ही उनका बल्ला चला, इंग्लैंड के गेंदबाज़ों की मुश्किलें बढ़ती चली गईं।
पहले ही ओवर में जॉफ्रा आर्चर की गेंद पर चौका और फिर छक्का लगाकर सैमसन ने अपने इरादे साफ कर दिए। इसके बाद तो मानो उनके बल्ले से रन नहीं, बल्कि संगीत निकलने लगा। शानदार कवर ड्राइव, पुल शॉट और बड़े-बड़े छक्कों के साथ उन्होंने इंग्लैंड के गेंदबाज़ों की जमकर खबर ली।
संजू सैमसन ने सिर्फ 42 गेंदों में 89 रन की तूफानी पारी खेली। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 211.90 का रहा। अपनी इस शानदार पारी में उन्होंने 8 चौके और 7 छक्के लगाए। हालांकि वह शतक से चूक गए और विल जैक्स की गेंद पर डीप कवर में कैच आउट हो गए, लेकिन तब तक वह मैच पर अपनी गहरी छाप छोड़ चुके थे।
सैमसन की इस पारी ने भारत को एक मजबूत शुरुआत दी और पहले पावरप्ले में ही टीम इंडिया ने 67 रन बना डाले।
लेकिन इस मैच में सिर्फ सैमसन ही नहीं चमके।
ईशान किशन ने भी बेहद आक्रामक बल्लेबाज़ी करते हुए 18 गेंदों में 39 रन बनाए और उनका स्ट्राइक रेट 216 से ज्यादा रहा। उनकी पारी ने इंग्लैंड के गेंदबाज़ों पर दबाव और बढ़ा दिया।
वहीं चौथे नंबर पर आए शिवम दुबे ने भी शानदार बल्लेबाज़ी करते हुए 25 गेंदों में 43 रन बनाए। दुबे की इस तेज़ पारी ने भारत के स्कोर को और मजबूती दी।
इसके बाद कप्तान सूर्यकुमार यादव, हार्दिक पंड्या और तिलक वर्मा ने भी आखिरी ओवरों में तेजी से रन जोड़कर टीम को एक विशाल स्कोर तक पहुंचा दिया।
इन सभी बल्लेबाज़ों की दमदार पारियों की बदौलत भारत ने 20 ओवरों में 7 विकेट खोकर 253 रन बनाए और इंग्लैंड के सामने 254 रन का बेहद मुश्किल लक्ष्य रख दिया।
वानखेड़े स्टेडियम में मौजूद हजारों दर्शकों ने संजू सैमसन की पारी के बाद खड़े होकर उनका स्वागत किया। यह पारी भले ही शतक में नहीं बदली, लेकिन इसने सेमीफाइनल मुकाबले की कहानी जरूर बदल दी।
टी20 क्रिकेट में कई बार एक पारी पूरे मैच का रुख तय कर देती है — और इस सेमीफाइनल में वह पारी थी संजू सैमसन की 89 रन की विस्फोटक इनिंग।







