प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हालिया मुलाकात को लेकर देश की राजनीति में नया विवाद शुरू हो गया है। इसकी वजह बने कांग्रेस सांसद शशि थरूर, जिन्होंने भारतीय नाविकों की सुरक्षा के मुद्दे पर प्रधानमंत्री मोदी का खुलकर समर्थन किया है।
फ्रांस में आयोजित जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान पीएम मोदी और ट्रंप के बीच हुई मुलाकात पर प्रतिक्रिया देते हुए थरूर ने कहा कि प्रधानमंत्री ने भारतीय हितों को लेकर अपना पक्ष स्पष्ट रूप से रखा और अमेरिकी राष्ट्रपति के सामने नागरिक नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया।
थरूर के मुताबिक, युद्ध या सैन्य संघर्ष की स्थिति में व्यापारिक जहाजों पर काम करने वाले नाविकों को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि ये लोग सैनिक नहीं होते और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना सभी देशों की जिम्मेदारी है। उन्होंने यह भी कहा कि पीएम मोदी ने यह संदेश सार्वजनिक और निजी दोनों स्तरों पर ट्रंप तक पहुंचाया।
दरअसल, कांग्रेस ने हाल ही में प्रधानमंत्री मोदी पर आरोप लगाया था कि उन्होंने ओमान की खाड़ी के पास अमेरिकी हमले में मारे गए भारतीय नाविकों के मुद्दे को पर्याप्त मजबूती से नहीं उठाया। पार्टी नेताओं ने सवाल किया था कि क्या भारत सरकार ने इस मामले में अमेरिका से जवाबदेही तय करने की मांग की थी।
ऐसे माहौल में थरूर का बयान राजनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उनके बयान के बाद भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस पर हमला बोल दिया और दावा किया कि थरूर ने विपक्ष की राजनीति की पोल खोल दी है।
BJP नेताओं ने कहा कि जब बात देशहित और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा की आती है, तब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भी प्रधानमंत्री मोदी की कूटनीति की सराहना करने से नहीं हिचकते। पार्टी ने इस मुद्दे को राहुल गांधी की आलोचनाओं से जोड़ते हुए उन पर भी निशाना साधा।
गौरतलब है कि हाल के दिनों में खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव के कारण समुद्री सुरक्षा एक बड़ा मुद्दा बनकर उभरी है। भारत के लाखों नागरिक समुद्री व्यापार और शिपिंग उद्योग से जुड़े हैं। ऐसे में भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर सरकार की चिंता स्वाभाविक मानी जा रही है। पीएम मोदी ने भी ट्रंप के साथ बातचीत में इस विषय को प्रमुखता से उठाया था।
थरूर के बयान ने एक बार फिर यह दिखा दिया है कि विदेश नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर राजनीतिक दलों के भीतर भी अलग-अलग राय सामने आ सकती है। फिलहाल इस मुद्दे ने कांग्रेस और बीजेपी के बीच नए राजनीतिक टकराव को जन्म दे दिया है।







