FIFA World Cup 2026 के पहले राउंड ने फुटबॉल प्रेमियों को रोमांच, बड़े गोल और कई चौंकाने वाले नतीजे दिए हैं। फ्रांस, अर्जेंटीना, इंग्लैंड और जर्मनी ने अपने दमदार प्रदर्शन से खिताब की दावेदारी मजबूत की है, जबकि मोरक्को, जापान और ऑस्ट्रेलिया जैसी टीमों ने उम्मीदों से बढ़कर खेल दिखाया है। पहले राउंड के मुकाबलों के आधार पर जानिए टूर्नामेंट की अब तक की 10 सबसे प्रभावशाली और मजबूत टीमों की रैंकिंग।
FIFA World Cup 2026: पहले राउंड के बाद टॉप 10 टीमों की रैंकिंग
FIFA World Cup 2026 का पहला राउंड खत्म हो चुका है और टूर्नामेंट ने शुरुआत से ही दर्शकों को रोमांच से भर दिया है। कहीं स्टार खिलाड़ियों ने अपनी चमक बिखेरी तो कहीं अंडरडॉग टीमों ने दिग्गजों को कड़ी टक्कर देकर सबको हैरान कर दिया। लियोनेल मेसी की ऐतिहासिक हैट्रिक से लेकर मोरक्को द्वारा ब्राज़ील को ड्रॉ पर रोकने तक, पहले ही राउंड में कई ऐसे पल देखने को मिले जिन्होंने टूर्नामेंट को बेहद दिलचस्प बना दिया है।
पहले राउंड के मुकाबलों में प्रदर्शन, प्रभाव और टीम संतुलन को ध्यान में रखते हुए आइए जानते हैं टूर्नामेंट की अब तक की टॉप 10 टीमों के बारे में।
1. फ्रांस
फ्रांस टूर्नामेंट शुरू होने से पहले ही खिताब के सबसे बड़े दावेदारों में शामिल था और सेनेगल के खिलाफ उसके प्रदर्शन ने इस दावे को और मजबूत कर दिया। पहले हाफ में फ्रांस को थोड़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ा, लेकिन दूसरे हाफ में टीम ने अपना असली रंग दिखाया। माइकल ओलिसे ने दो शानदार असिस्ट किए, जबकि किलियन एम्बाप्पे ने दो गोल दागकर मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया। ब्रैडली बारकोला ने भी गोल किया। एम्बाप्पे का लंबी दूरी से किया गया शानदार गोल इस मुकाबले की सबसे बड़ी झलकियों में शामिल रहा।
2. अर्जेंटीना
अगर पहले राउंड में किसी एक खिलाड़ी ने सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोरीं तो वह थे लियोनेल मेसी। अल्जीरिया के खिलाफ 3-0 की जीत में मेसी ने अपने विश्व कप करियर की पहली हैट्रिक लगाई और साबित कर दिया कि वह अभी भी बड़े मंच के सबसे बड़े खिलाड़ी हैं। हालांकि सिर्फ मेसी ही नहीं, अर्जेंटीना की पूरी टीम ने बेहतरीन तालमेल और अनुशासन का प्रदर्शन किया। मजबूत डिफेंस और तेज़ अटैकिंग मूव्स ने उन्हें इस रैंकिंग में दूसरे स्थान पर पहुंचाया है।
3. इंग्लैंड
विश्व कप से पहले इंग्लैंड की टीम चयन को लेकर कई सवाल उठ रहे थे, लेकिन क्रोएशिया के खिलाफ 4-2 की जीत ने आलोचकों को जवाब दे दिया। कप्तान हैरी केन ने दो गोल किए, जबकि जूड बेलिंघम और मार्कस रैशफोर्ड ने भी शानदार खेल दिखाया। इंग्लैंड की आक्रामक शैली और आत्मविश्वास ने यह संकेत दिया है कि टीम इस बार खिताब के लिए गंभीर दावेदार है।
4. जर्मनी
2014 में विश्व कप जीतने के बाद जर्मनी का प्रदर्शन लगातार गिरा था और पिछले दो विश्व कप में टीम ग्रुप स्टेज से आगे नहीं बढ़ सकी थी। लेकिन इस बार शुरुआत बेहद शानदार रही। क्यूरासाओ के खिलाफ 7-1 की बड़ी जीत ने जर्मनी के आत्मविश्वास को नई ऊंचाई दी है। काई हैवर्ट्ज़ ने दो गोल किए और टीम के अटैक ने दिखाया कि वह किसी भी विरोधी के लिए खतरनाक साबित हो सकती है।
5. अमेरिका (USA)
घरेलू मैदान पर खेल रही अमेरिकी टीम पर काफी दबाव था, लेकिन उसने अपने पहले ही मैच में शानदार प्रदर्शन करते हुए पैराग्वे को 4-1 से हरा दिया। फोलारिन बालोगुन ने दो गोल किए, जबकि जियोवानी रेयना ने भी गोल कर टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई। अमेरिका ने जिस आत्मविश्वास और आक्रामकता के साथ खेल दिखाया, उससे साफ है कि वह इस बार नॉकआउट दौर तक पहुंचने की क्षमता रखती है।
6. नॉर्वे
करीब 28 साल बाद विश्व कप में वापसी कर रही नॉर्वे ने इराक को 4-0 से हराकर जोरदार शुरुआत की। टीम के सबसे बड़े स्टार एरलिंग हालांड ने दो गोल किए और दिखाया कि वह दुनिया के सबसे खतरनाक स्ट्राइकरों में क्यों गिने जाते हैं। लियो ओस्टिगार्ड का शानदार गोल भी चर्चा का विषय बना। नॉर्वे इस टूर्नामेंट की ‘डार्क हॉर्स’ टीम साबित हो सकती है।
7. स्वीडन
स्वीडन की टीम को टूर्नामेंट से पहले भी मजबूत माना जा रहा था, लेकिन ट्यूनीशिया के खिलाफ 5-1 की जीत ने उसकी ताकत को और उजागर कर दिया। जहां अलेक्जेंडर इसाक और विक्टर ग्योकेरेस पर सबकी नजरें थीं, वहीं यासिन अयारी ने दो गोल कर मैच के हीरो बनने का गौरव हासिल किया। टीम का संतुलित प्रदर्शन उसे आगे खतरनाक प्रतिद्वंद्वी बना सकता है।
8. मोरक्को
पहले राउंड का सबसे बड़ा सरप्राइज मोरक्को और ब्राज़ील के बीच खेला गया मुकाबला रहा। दुनिया की सबसे मजबूत टीमों में गिने जाने वाले ब्राज़ील को मोरक्को ने 1-1 की बराबरी पर रोक दिया। युवा मिडफील्डर अय्यूब बुआद्दी ने पूरे मैच में शानदार खेल दिखाया, जबकि इस्माइल साइबारी ने गोल कर अपनी टीम को बढ़त दिलाई। हालांकि विनीसियस जूनियर के गोल ने ब्राज़ील को हार से बचा लिया, लेकिन मोरक्को ने बता दिया कि उसे हल्के में नहीं लिया जा सकता।
9. जापान
नीदरलैंड्स और जापान के बीच खेला गया मुकाबला अब तक टूर्नामेंट का सबसे रोमांचक मैच माना जा रहा है। जापान ने आखिरी मिनटों तक संघर्ष करते हुए 2-2 का ड्रॉ हासिल किया। दाइची कामादा के हेडर ने न सिर्फ टीम को एक अहम अंक दिलाया, बल्कि सोशल मीडिया पर भी खूब सुर्खियां बटोरीं। जापान का जुझारूपन और टीम भावना उसे इस सूची में जगह दिलाने के लिए काफी है।
10. ऑस्ट्रेलिया
तुर्किये के खिलाफ मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया को ज्यादा मौका नहीं दिया जा रहा था, लेकिन टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सभी को चौंका दिया। नेस्टोरी इरांकुंडा और कॉनर मेटकाल्फे के गोलों की बदौलत ऑस्ट्रेलिया ने यादगार जीत दर्ज की। मिडफील्ड पर उनका नियंत्रण और मजबूत डिफेंस इस बात का संकेत है कि आगे भी यह टीम कई उलटफेर कर सकती है।
पहले राउंड के बाद फ्रांस और अर्जेंटीना सबसे मजबूत टीमों के रूप में उभरी हैं, लेकिन इंग्लैंड, जर्मनी और अमेरिका भी पीछे नहीं हैं। वहीं मोरक्को, जापान, नॉर्वे और ऑस्ट्रेलिया जैसी टीमों ने साबित कर दिया है कि इस विश्व कप में कोई भी मुकाबला आसान नहीं होने वाला। जैसे-जैसे टूर्नामेंट आगे बढ़ेगा, यह देखना दिलचस्प होगा कि कौन सी टीम अपनी शानदार शुरुआत को खिताब तक पहुंचा पाती है।







